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शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · रात 8:20 · नई दिल्ली संस्करण

तेरे बेटे की आत्मा भटक रही हैं : ऐसा बोलकर महिला वृद्धा के गहने लेकर चंपत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन76 बार पढ़ा गया
तेरे बेटे की आत्मा भटक रही हैं : ऐसा बोलकर महिला वृद्धा के गहने लेकर चंपत

जोधपुर। शहर के बाईजी का तालाब क्षेत्र में रहने वाली एक वृद्धा के साथ अंजान महिला ने ठगी कर ली। उसके बेटे की तस्वीर को देखकर उसकी आत्मा के भटकाव की बात की और घर की परेशानियां बताई। बाद में वृद्धा के पहने गहने उतरवाए और एक कपड़े में बांध कर गांठ लगा दी। रविवार की शाम को जब कपड़े की गाँठे खोली तो गहने नदारद थे। पीडि़ता ने घटनाक्रम को लेकर सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज से महिला का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना बाईजी का तालाब नवल आश्रम के पास रहने वाली शंकुतला पत्नी राधेश्याम वाल्मिकी के साथ हुई।

रिपोर्ट के अनुसार रविवार की सुबह पौने दस बजे के आस पास एक महिला क्रीम मेहरून रंग की साड़ी पहने उसके घर के अंदर मांगने के लिए आ गई। उसके पास में मेहरून रंग का बैग भी था। बाद में वह पानी पिलाने का कहने लगी। इस पर अंजान महिला को शंकुतला ने पानी लाकर दिया तब उसने हाथ देखा और फिर बेटे की तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह बेटा है क्या? हामी भरने के बाद कहा कि उसकी आत्मा भटक रही है। वह भगवान के घर नहीं गया है। उसका उपाय करना पड़ेगा। ऐसा कहकर वृद्ध शंकुतला के कानों के टॉप्स 5 ग्राम, पैरों की छड़ा जोड़ी 35 तोला खुलवाने के बाद ध्यान बंटाकर एक कपड़े में बांध कर दिए और किसी चावल अथवा गेंहू में रखने को कहा। कपड़ें की गांठ शाम को पूजा के समय खोलने को कहा गया। शाम को वृद्ध शंकुतला के पोते ने जब कपड़े की गांठ खोली तो गहने नदारद थे।

जिस महिला ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया उसके हाथ में सफेद डायरी होने के साथ बैग पर ओम नमो नारायण लिखा हुआ था।बदमाश महिला ने गहने कपड़े में बांधने के बाद उसे जलते दीपक के नीचे गेंहू चावल के नीचे रखने को कहा।

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