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रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · रात 1:48 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी बोर्ड में 9वीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई, छात्रों ने फैसले को बताया 'बहुत अच्छा'

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन24 बार पढ़ा गया
यूपी बोर्ड में 9वीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई, छात्रों ने फैसले को बताया 'बहुत अच्छा'

लखनऊ, । यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर एक अहम निर्देश जारी किया है। इस नए फैसले के तहत अब कक्षा 9, 10, 11 और 12 का पाठ्यक्रम एक समान होगा और सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ाई जाएंगी।

बोर्ड ने इसे अनिवार्य कर दिया है, जिससे पूरे राज्य में पढ़ाई का एक समान ढांचा लागू हो सके।

इस फैसले को लेकर आईएएनएस ने चंदौली में छात्रों से बातचीत की, जहां ज्यादातर विद्यार्थियों ने इसे सरकार का बहुत अच्छा कदम बताया।

छात्रों का कहना है कि पहले अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग किताबें होने के कारण परेशानी होती थी, लेकिन अब एक समान पाठ्यक्रम होने से पढ़ाई आसान हो जाएगी।

एक छात्र ने बताया कि अगर किसी वजह से स्कूल बदलना पड़ता है, तो अब नई किताबें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उसी एनसीईआरटी की किताब से पढ़ाई जारी रखी जा सकेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

वहीं, एक अन्य छात्र ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबें न सिर्फ अच्छी होती हैं, बल्कि उनकी कीमत भी काफी किफायती होती है। दूसरी किताबों के मुकाबले ये आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे हर वर्ग के छात्रों को फायदा मिलेगा।

एक और विद्यार्थी ने सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि एनसीईआरटी की किताबें किसी भी स्टेशनरी दुकान पर आसानी से मिल जाती हैं और ये आगे होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी काफी मददगार साबित होती हैं।

इसके अलावा, एक छात्र ने यह भी बताया कि ज्यादातर सहायक (साइड बुक्स) भी एनसीईआरटी को आधार बनाकर ही तैयार की जाती हैं, इसलिए अब पढ़ाई और ज्यादा व्यवस्थित हो जाएगी।

यूपी बोर्ड के इस फैसले को छात्रों ने सकारात्मक रूप में लिया है और इसे पढ़ाई को सरल, सुलभ और एकरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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