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रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · दोपहर 2:44 · नई दिल्ली संस्करण

प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन75 बार पढ़ा गया
प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त

लखनऊ। योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है।

प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है।

खाद की उपलब्धता-

यूरिया: 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।

डीएपी : 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।

एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी.टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।

खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी.टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी.टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है।

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