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रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · रात 3:04 · नई दिल्ली संस्करण

हाईकोर्ट ने एविएशन मिनिस्ट्री और निजी विमान कंपनियों को दी चेतावनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन6 बार पढ़ा गया
हाईकोर्ट ने एविएशन मिनिस्ट्री और निजी विमान कंपनियों को दी चेतावनी

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजनल बेंच में हुई सुनवाई में जबलपुर से उड़ानों की संख्या घटने और सीधी फ्लाइट्स की कमी पर संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख दिखाया। कोर्ट ने एविएशन मिनिस्ट्री और निजी विमान कंपनियों को चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि उड़ानों में सुधार नहीं हुआ, तो जबलपुर एयरपोर्ट बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और ग्वालियर से भी उड़ानों पर रोक लगाई जाएगी।

एयरलाइन कंपनियों की ओर से भी बस इतना कहा गया कि वे अभी इस पर "विचार" कर रही हैं। कोर्ट ने इस रवैये को गंभीर लापरवाही मानते हुए टिप्पणी की "न कोई काम हो रहा है, न कोई असरदार पत्राचार। अगर यह स्थिति बनी रही तो हम एयरपोर्ट ही बंद करा देंगे। सुनवाई के दौरान सरकार ने फिर वही तर्क दोहराया कि जबलपुर में उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए एयरलाइन कंपनियों को ईमेल भेजा गया और बैठक आयोजित की गई है। लेकिन जब कोर्ट ने पूछा कि इस पर कंपनियों ने क्या जवाब दिया, तो सरकार कोई ठोस उत्तर नहीं दे पाई।

हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस संचालित करने वाली इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड को आदेश दिया कि जबलपुर में फ्लाइट की संख्या बढ़ाने के लिए जो भी ठोस कदम उठाए गए हैं, उनकी जानकारी कोर्ट में दी जाए। इसके साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया कि जो यात्री जबलपुर से दिल्ली और मुंबई कनेक्टिंग फ्लाइट ले रहे हैं, उन सभी का यात्री डाटा पेश किया जाए और यह भी हलफनामा दिया जाए कि क्या दोपहर की फ्लाइट को सुबह या शाम में शिफ्ट करना संभव है। यह सारा कमर्शियल डाटा सील बंद लिफाफे में कोर्ट में जमा करना होगा।

बेंच ने एविएशन डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को आदेश दिया है कि अब तक जबलपुर में उड़ानें बढ़ाने और बड़े शहरों से कनेक्टिविटी सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए, उसका विस्तृत हलफनामा पेश करें। साथ ही उन्हें अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मौजूद रहने का भी निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त 2025 तय की है।

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