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शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · रात 9:26 · नई दिल्ली संस्करण

अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों की पैकिंग स्वास्थ्य के लिए घातक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन86 बार पढ़ा गया
अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों की पैकिंग स्वास्थ्य के लिए घातक

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की आमजन व खाद्य कारोबारियों से अपीलधमतरी। न्यूनतम लागत के कारण खाद्य पदार्थों के लाने-ले जाने एवं पैकिंग में प्रायः छपाई में उपयोग किए जाने वाले अखबारी कागज अथवा प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेषकर स्ट्रीट फूड में भोजन को अखबार में लपेटकर देने तथा घरों में भी गहरे तले हुए खाद्य पदार्थों से अतिरिक्त तेल सोखने के लिए अखबारी कागज का उपयोग आम बात हो गई है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार पर्यावरणीय परिस्थितियों से भोजन को सुरक्षित रखने के लिए उचित खाद्य पैकेजिंग आवश्यक है, किंतु अखबारी कागज या प्रिंटेड पेपर के उपयोग से उसमें प्रयुक्त स्याही भोजन में स्थानांतरित हो जाती है। इससे भोजन की गुणवत्ता एवं सुरक्षा प्रभावित होती है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है।अखबार अथवा प्रिंटेड पेपर की छपाई में प्रयुक्त स्याही में डाई आइसोब्यूटाइल फ्थेलेट, डाइ-एन-आइसोब्यूटाइलेट सहित अनेक हानिकारक रसायन एवं रंजक पाए जाते हैं। ये पदार्थ तेल के साथ मिलकर भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पाचन संबंधी विकार, विषाक्तता, विभिन्न प्रकार के कैंसर, महत्वपूर्ण अंगों की विफलता तथा प्रतिरक्षा तंत्र के कमजोर होने जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ जिला-धमतरी द्वारा आम नागरिकों एवं समस्त खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि खाने-पीने की वस्तुओं के लेन-देन एवं पैकिंग में अखबारी कागज या किसी भी प्रकार के प्रिंटेड पेपर का उपयोग न करें। यदि कोई खाद्य कारोबारी ऐसा करता पाया जाए, तो उसे इसके दुष्प्रभावों एवं संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी देते हुए ऐसा न करने की सलाह दें।बार-बार समझाइश के बावजूद यदि कोई खाद्य कारोबारी नियमों का पालन नहीं करता है, तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी के मोबाइल नंबर 87706 01262 पर दी जा सकती

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