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रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · दोपहर 1:00 · नई दिल्ली संस्करण

पटना मेडिकल कॉलेज बिहार की अमूल्य धरोहरों में से है एक : राष्ट्रपति

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन68 बार पढ़ा गया
पटना मेडिकल कॉलेज बिहार की अमूल्य धरोहरों में से है एक : राष्ट्रपति

पटना। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि पटना मेडिकल कॉलेज बिहार की अमूल्य धरोहरों में से एक है। इस संस्थान का पुरातनता को संरक्षित करने और आधुनिकता की ओर निरंतर अग्रसर होने का गौरवशाली इतिहास रहा है। पटना मेडीकल कालेज एवं हास्पिटल (पीएमसीएच) एशिया के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में से एक रहा है। इस संस्थान के पूर्व छात्रों ने अपनी प्रतिभा, सेवा और समर्पण के बल पर देश-विदेश में अपना और पीएमसीएच का नाम रोशन किया है। वह मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के शताब्दी समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहीं थीं।राष्ट्रपति ने कहा कि इलाज के लिए दूसरे शहर या राज्य में जाने से कई तरह से नुकसान होता है, जैसे इलाज में देरी, भोजन, आवास और रोजगार की समस्या। इससे बड़े शहरों के चिकित्सा संस्थानों पर भी बोझ पड़ता है। देश भर में अच्छे चिकित्सा संस्थानों का विकेंद्रीकरण इन सभी समस्याओं को हल करने में मददगार साबित होगा। चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और इंदौर जैसे शहर विशिष्ट उपचार के केंद्र के रूप में विकसित हुए हैं। बिहार को भी ऐसे कई केंद्र विकसित करने चाहिए। इससे न केवल बिहार के लोगों को अच्छी चिकित्सा मिलेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि पीएमसीएच और इसके पूर्व छात्र अपने अनुभव से इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह तकनीक का युग है। चिकित्सा क्षेत्र में भी तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें चिकित्सा प्रक्रिया को सरल और सटीक बना रही हैं। उन्होंने पीएमसीएच के सभी हितधारकों से नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए हमेशा तैयार रहने का आग्रह किया। कहा कि इससे न केवल इलाज आसान होगा, बल्कि डॉक्टरों का ज्ञान और दक्षता भी बढ़ेगी।राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे डाक्ट शोधकर्ता, चिकित्सक, शिक्षक और परामर्शदाता भी हैं। इन सभी भूमिकाओं में वे लोगों और समाज की सेवा करते हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं। उन्होंने उनसे लोगों को रक्त और अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया।

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