मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · रात 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

बलरामपुर : जीवनदायिनी कन्हर का जलस्तर कम होते ही जहरीला रासायनिक पदार्थ डाल मछलियां मार रहे लोग

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन45 बार पढ़ा गया
बलरामपुर : जीवनदायिनी कन्हर का जलस्तर कम होते ही जहरीला रासायनिक पदार्थ डाल मछलियां मार रहे लोग

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा को बांटने वाली जीवनदायिनी कन्हर नदी का जलस्तर दिन प्रतिदिन अधिकारियों की लापरवाही से कम होते जा रहा है। जिससे जहर डाल मछली मारने वाले गिरोह अब सक्रिय हो गए है। रविवार शाम को कन्हर एनीकट के गेट के पास बड़ी संख्या में मृत मछलियां पाई गई।गर्मियों के मौसम में लोग नदी में नहाते है। जहरीला पदार्थ नदी में मिलाए जाने से सुबह शाम नहाने वाले लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे पानी की गुणवता भी प्रभावित हो जाती है। कन्हर नदी के पानी का उपयोग लगभग 26 हजार परिवार करते है। रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र में पानी की आपूर्ति टंकी में जमा होने के बाद नगर में सप्लाई की जाती है, ऐसे में यदि पानी दूषित हो गया तो यह नगरवासियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि मछली मारने के लिए पानी में जहरीला पदार्थ डालने वालों को कई बार चेतावनी दी गई है और पुलिस को भी सूचित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद लोग इस अवैध गतिविधि को बंद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।समय रहते अगर प्रशासन ने इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला तो यह भविष्य में और भी अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। मछली मारने के लिए लगातार जहरीला पदार्थ डालने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर