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रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · शाम 4:15 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड विधानसभा में उठा जमशेदपुर के 1800 एकड़ में बसी बस्ती का मामला

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सोमवार को विधायक सरयू राय ने सदन में पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में 1800 एकड़ में बसी बस्ती का मामला उठाया। इसे टाटा सबलीज से अलग कर दिया गया है। विधायक सरयू राय ने दिल्ली और इंदौर का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मामले में 2018 को जारी की गई अधिसूचना रद्द कर दी जाये। सरकार अगर इस मामले में नई नीति बनाएगी तो सरकार को 500 करोड़ रुपये की आमदनी भी होगी।इस पर वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि अवैध कब्जा के सेटलमेंट के दो तरीके हैं। पहला अवैध कब्जाधारी को कुछ जमीन दे दी जाए। दूसरा सरकार नियमितीकरण कर दे लेकिन 2018 में जो नीति बनी, उसमें 10 डिसमिल देने की ही बात कही गई है। इस पर सरयू राय ने कहा कि किसी का घर 15 डिसमिल में बना हुआ है तो पांच डिसमिल कौन देगा। इस जमीन पर 17986 आवास बने हुए हैं। इस मामले में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाए। रामेश्वर उरांव ने कहा कि जब तक नई नीति नहीं बनती तब तक यही नीति लागू रहेगी। किसी का घर टूटे नहीं इस पर सरकार विचार कर सकती है।

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