मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · रात 2:38 · नई दिल्ली संस्करण

औद्योगिक क्रांति की ओर यूपी, 9 वर्षों में 17,000 फैक्ट्रियों का पंजीकरण

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन6 बार पढ़ा गया
औद्योगिक क्रांति की ओर यूपी, 9 वर्षों में 17,000 फैक्ट्रियों का पंजीकरण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। सरकार के सुशासन, पारदर्शी नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व का ही असर है कि प्रदेश में अप्रैल 2017 से अब तक 17,841 नए कारखाने पंजीकृत किए गए हैं।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के स्वतंत्र होने के बाद वर्ष 1947 से मार्च 2017 तक लगभग 70 वर्षों में प्रदेश में कुल 14,178 कारखाने ही पंजीकृत हो पाए थे। वर्तमान समय में प्रदेश में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या 32,019 तक पहुंच चुकी है। प्रमुख सचिव श्रम एवं रोजगार डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाना है।

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से सुधार, निवेश अनुकूल माहौल और पारदर्शी प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया। साथ ही निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन क्लीयरेंस, भूमि बैंक, बेहतर कानून-व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं विकसित कीं। यही वजह है कि देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश पर बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17,841 कारखाने अप्रैल 2017 के बाद पंजीकृत हुए हैं, जो राज्य में औद्योगिक गतिविधियों की तेज रफ्तार को दर्शाते हैं।

सिर्फ सितंबर 2023 से अब तक ही 10,194 कारखानों का पंजीकरण हुआ है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 4,746 नए कारखाने जुड़े हैं। अप्रैल 2017 के बाद पंजीकृत इन कारखानों में वर्तमान में 16,53,179 लोग नौकरी कर रहे हैं। इनमें 15,29,907 पुरुष व 1,23,272 महिलाएं कार्यरत हैं।

प्रमुख सचिव ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10,895, मध्य उत्तर प्रदेश में 3,526, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3,205 और बुंदेलखंड क्षेत्र में 215 कारखाने पंजीकृत किए गए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि योगी सरकार ने क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करते हुए हर क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हुए।

इन कारखानों से प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन भी तेजी से हुआ है।

खास बात यह है कि कारखानों में कार्यरत महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है, जो प्रदेश में सामाजिक-आर्थिक बदलाव का संकेत है। प्रदेश में 14,412 कारखाने ऐसे हैं, जिनमें 100 तक श्रमिक कार्यरत हैं जबकि 3,213 कारखानों में 101 से 1000 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी तरह 118 बड़े कारखाने ऐसे हैं जिनमें 1000 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।

यह संख्या दर्शाती है कि योगी सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई)के साथ-साथ बड़े उद्योगों को भी समान रूप से प्रोत्साहन दिया है। इससे प्रदेश की औद्योगिक संरचना मजबूत हुई है। बता दें कि औद्योगिक विकास में कानून-व्यवस्था की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

योगी सरकार ने इस क्षेत्र में सख्त कदम उठाते हुए प्रदेश में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

इसके साथ ही एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक हब जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों को नई गति दी। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि तेजी से औद्योगिक राज्य के रूप में उभर रहा है। नए कारखानों ने न केवल रोजगार दिया, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है। इससे प्रदेश के लाखों परिवारों की आजीविका सुरक्षित हुई है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर