मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · रात 1:44 · नई दिल्ली संस्करण

देवशयनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, सृष्टि की सत्ता अब संभालेंगे भगवान शिव

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन2 बार पढ़ा गया

हरिद्वार,। देवशयनी एकादशी पर तीर्थनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं

ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। हरकी पैड़ी ब्रह्म कुण्ड

समेत गंगा के तमाम घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। देवशयनी एकादशी के साथ

आज से सृष्टि की सत्ता भगवान विष्णु से हंस्तातरित होकर भगवान शिव के पास

चली गई। अब चार मास तक भगवान शिव ही सृष्टि की सत्ता को संभालेंगे। 118 दिन

बाद 13 नवम्बर को देवोत्थान एकादशी के साथ भगवान विष्णु योगनिद्रा से

जागृत होंगे और पुनः सृष्टि की सत्ता का संचालन उनके हाथों चला जाएगा।

आज

देवशयनी एकादशी पर लोगों ने गंगा स्नान के पश्चात दान-पुण्य आदि कर्म किए।

मान्यता है कि गंगा स्नान करने और भजन आदि से एकादशी का संपूर्ण फल

प्राप्त होता है। साथ ही माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। धार्मिक

मान्यता के अनुसार सालभर में आने वाली 24 एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित

होती हैं। देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु के निमित्त व्रत और पूजा पाठ

करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

देवशयनी एकादशी पर गंगा

स्नान, व्रत, पूजा पाठ के बार में हरिद्वार तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने

बताया किं कलयुग में मां गंगा का सबसे अधिक महत्व है। देवशयनी एकादशी पर

तीर्थनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान किया जाए तो सभी दुखों और पाप से

छुटकारा मिल जाता है। साथ ही भगवान विष्णु प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं

पूरी कर देते हैं। देवशयनी एकादशी पर हरिद्वार में हर की पौड़ी पर गंगा

स्नान करने से सभी 24 एकादशी का फल प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है।

उज्ज्वल

पंडित के मुताबिक देवशयनी एकादशी पर गंगा स्नान करने, व्रत करने और

पूजा-पाठ करने के बाद दान का भी बहुत बड़ा महत्व है। दान करने से कई जन्मों

के पाप खत्म हो जाते हैं। श्रद्धालुओं को विष्णु लोक धाम में स्थान की

प्राप्ति होती है। देवशयनी एकादशी चातुर्मास में आती है। देवशयनी एकादशी से

हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर