मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · रात 12:54 · नई दिल्ली संस्करण

शनिवार से मनाई जाएगी आषाढ मास की गुप्त नवरात्रि,16 को होगी विजयादशमी : ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन89 बार पढ़ा गया

सहरसा,। कोसी क्षेत्र के चर्चित ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा के

अनुसार इस मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आषाढ गुप्त नवरात्रि का

आरंभ होता है।

इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 06 जुलाई यानि शनिवार से

शुरु हो रही है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से आषाढ़ मास की गुप्त

नवरात्रि का बड़ा ही महत्व है। ज्ञात हो कि वर्ष में आदि शक्ति मां भगवती

की उपासना के लिए चार नवरात्रि आती है। इसमें दो गुप्त एवं दो उदय नवरात्रि

होती है। चैत्र और अश्विन मास की नवरात्रि उदय नवरात्रि के नाम से जानी

जाती है।

आषाढ़ और माघ की नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी

जाती है। मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि के दौरान अन्य नवरात्रि की तरह

ही पूजन करने का विधान है। इन दिनों भी 9 दिन के उपवास का संकल्प लेते हुए

प्रतिपदा से नवमी तक प्रतिदिन सुबह-शाम मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए।

इन नवरात्रि में 10 महाविद्याओं का पूजन होता है। ये नवरात्रि तंत्र साधना

के लिए बहुत अधिक महत्व रखती है।

क्या है गुप्त नवरात्रि :-

गुप्त

नवरात्रि किसी खास मनोकामना की पूजा के लिए तंत्र साधना का मार्ग लेने का

पर्व है। किंतु अन्य नवरात्रि की तरह ही इसमें भी व्रत-पूजा, पाठ, उपवास

किया जाता है। इस दौरान साधक देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के अनेक उपाय

करते हैं। इसमें दुर्गा सप्तशती पाठ,दुर्गा चालीसा,दुर्गा सहस्त्रनाम का

पाठ काफी लाभदाय माना गया है। यह नवरात्रि धन, संतान सुख के साथ-साथ शत्रु

से मुक्ति दिलाने में भी कारगर है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर