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शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:31 · नई दिल्ली संस्करण

सागरः जिले में डायल-112 की तत्परता से बची दो सड़क दुर्घटनाओं में घायल युवकों की जान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन84 बार पढ़ा गया
सागरः जिले में डायल-112 की तत्परता से बची दो सड़क दुर्घटनाओं में घायल युवकों की जान

सागर। मध्य प्रदेश के सागर में पुलिस के 112 कंट्रोल रूम और एफआरवी स्टाफ ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है। बुधवार देर शाम दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए भीषण सड़क हादसों में डायल-112 की टीम ने बिना समय गंवाए घायलों को अस्पताल पहुँचाया, जिससे उनकी जान बच सकी।घटना 1- राहतगढ़ में डिवाइडर से टकराई बाइक पुलिस के अनुसार, 25 फरवरी की शाम करीब 07:20 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल से सूचना मिली कि विदिशा रोड स्थित पंचवटी होटल के पास एक अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकरा गई है। सूचना मिलते ही सागर कंट्रोल रूम ने तत्काल राहतगढ़ की FRV को रवाना किया। आरक्षक वैभव शुक्ला और पायलट अभिषेक पाल ने मौके पर पहुँचकर देखा कि चालक लहूलुहान हालत में है। जवानों ने देरी न करते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राहतगढ़ में भर्ती कराया। घटना 2- बंडा के मगरा गाँव के पास हादसाबुधवार की रात करीब 08:15 बजे बंडा थाना क्षेत्र के मगरा गाँव के पास एक और मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना के चंद मिनटों के भीतर बंडा डायल-112 वाहन मौके पर पहुँचा। आरक्षक दशरथ और पायलट कौशलेष पाण्डेय ने घायल को प्राथमिक उपचार देते हुए तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा पहुँचाया। साथ ही, पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल के परिजनों को सूचित किया ताकि वे समय पर अस्पताल पहुँच सकें।चिकित्सा विज्ञान में दुर्घटना के बाद के पहले घंटे को 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है। यदि इस दौरान घायल को सही उपचार मिल जाए, तो जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। सागर पुलिस के जवानों ने इसी सिद्धांत पर अमल करते हुए मानवीय दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। सागर जिला पुलिस प्रशासन ने डायल-112 कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग और तैनात स्टाफ की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया है।

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