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रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:32 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्लीः एलजी ने दिए खतरनाक पदार्थों की बिक्री का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय होंगे जासूस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन9 बार पढ़ा गया
दिल्लीः एलजी ने दिए खतरनाक पदार्थों की बिक्री का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय होंगे जासूस

नई दिल्ली। लाल किले के पास हुए धमाके के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

उपराज्यपाल ने कहा है कि अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की बड़ी मात्रा की खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

इसके लिए सभी विक्रेताओं और खरीदारों का पूरा डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए, जिसमें उनकी फोटो, पहचान-पत्र और अन्य जरूरी जानकारी शामिल हो।

सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ और जिहादी विचारधारा फैलाने वाली सामग्री को रोकने के लिए मेटा, एक्स, यूट्यूब जैसी बड़ी कंपनियों के भारत प्रमुखों के साथ जल्द से जल्द बैठक करने को कहा गया है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से ऐसी सामग्री की ट्रैकिंग और हटाने का सिस्टम बन सके।

कट्टरपंथ से प्रभावित संवेदनशील इलाकों में मानव और तकनीकी खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के साथ-साथ मोहल्ला स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग और लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

विदेश से मेडिकल या अन्य प्रोफेशनल डिग्री लेने वाले लोगों की पूरी जानकारी पुलिस के साथ साझा करने को भी अनिवार्य किया गया है, ताकि उनका बैकग्राउंड सही से जांचा जा सके।

सबसे अहम निर्देश सेकंड-हैंड वाहनों को लेकर है। उपराज्यपाल ने साफ कहा है कि ओएलएक्स और कार देखो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और फाइनेंस कंपनियों के साथ तुरंत बैठक कर सख्त नियम लागू किए जाएं।

अब ऐसी किसी गाड़ी या ऑटो-रिक्शा को सड़क पर चलने की इजाजत नहीं मिलेगी, जिसका असली मालिक और रजिस्टर्ड मालिक अलग-अलग हों। दिल्ली में यह समस्या खासकर ऑटो-रिक्शा सेक्टर में बहुत गंभीर है, जहां परमिट किसी और के नाम पर और गाड़ी कोई दूसरा चलाता है।

एलजी सचिवालय ने बताया कि सभी निर्देश तुरंत लागू होंगे और हर 15 दिन में इसकी प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ये कदम दिल्ली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाएंगे।

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