मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · रात 1:44 · नई दिल्ली संस्करण

अररिया जिले में तेज आंधी और तूफान ने फिर मचाई तबाही

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन123 बार पढ़ा गया
अररिया जिले में तेज आंधी और तूफान ने फिर मचाई तबाही

अररिया। अररिया जिला में सोमवार की देर रात आई तेज आंधी और तूफान के साथ मूसलाधार बारिश ने एकबार फिर से भारी तबाही मचाई।

तेज आंधी तूफान के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, नेशनल हाईवे, स्टेट हाइवे के साथ ग्रामीण इलाकों में पेड़ उखाड़ने के कारण कई स्थानों पर आवागमन व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आंधी तूफान थमने के बाद एनएचएआई के द्वारा नेशनल हाईवे पर गिरे पेड़ को काटकर साफ किया गया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू हो सका। इसके अलावे ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी और तूफान से कई लोगों की छत की टीन उखड़ गए, जिसके कारण लोगों को खुले आसमान के नीचे रहने को विवश होना पड़ा। इसके अतिरिक्त सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को किसानी में हुई। तैयार फसल गिर गए। इसके अलावे सब्जी की खेती और खेत में लगे मक्का के फसल को भी काफी नुकसान हुआ है

कई किसानों के द्वारा मक्का के फसल पौधों को काटकर तैयार करने के लिए जमा किया गया था, जो बारिश के कारण भींग गया। तेज मूसलाधार बारिश के कारण खेत में लगे फसल पौधे भी नष्ट हो गए। कई इलाकों में बिजली के तार टूट जाने के कारण बिजली सेवा बाधित हो गई है।

अररिया प्रखंड सहित फारबिसगंज, नरपतगंज, कुर्साकांटा, जोकीहाट, सिकटी, पलासी प्रखंड में तेज आंधी तूफान के कारण प्रभावित होने की ख़बर है। कच्चे मकान तेज आंधी और बारिश में गिर जाने की जानकारी मिल रही है।

फारबिसगंज के मझुआ गांव के किसान राजन सिंह ने बताया कि मौसम की बेरुखी के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इससे पहले भी तेज आंधी और तूफान के कारण फसल पौधों को नुकसान हुआ था।

मौसम के बदलते मिजाज के बीच किसान जल्दबाजी में अपने मक्का के फसल की तैयारीयों में जुटे थे, लेकिन वहां भी किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी महकमा क्षति का आकलन कर ले जाती है, लेकिन ससमय मुआवजा नहीं मिलने से भी किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश किसान गांव से ही ऋण लेकर किसानी का कार्य करते हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर