मृत शरीर के नाक-कान में क्यों लगाते हैं रुई? गरुड़ पुराण में छिपा है चौंकाने वाला रहस्य
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद शरीर के 10 द्वार खुले रह जाते हैं। आत्मा इन्हीं द्वारों से बाहर निकलती है। रुई लगाकर इन द्वारों को बंद किया जाता है ताकि शरीर अपवित्र न हो और कीड़े-मकोड़े अंदर प्रवेश न करें। मान्यता है कि इससे प्राण वायु का निकास पूरी तरह बंद हो जाता है और बुरी आत्माएं शरीर में प्रवेश नहीं कर पातीं। वैज्ञानिक रूप से इससे शरीर से निकलने वाला रक्त-द्रव्य बाहर नहीं आता और शव अंतिम संस्कार तक पवित्र रहता है।





