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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · शाम 7:18 · नई दिल्ली संस्करण

तृणमूल विधायक के हस्ताक्षर मामले ने पकड़ा तूल, अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर सवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन65 बार पढ़ा गया
तृणमूल विधायक के हस्ताक्षर मामले ने पकड़ा तूल, अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर सवाल

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के सोमवार दोपहर तक पश्चिम बंगाल आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के मुख्यालय पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह पेशी पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण पदों के लिए किए गए नामांकन से संबंधित प्रस्तावों पर पार्टी के विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों के मामले में पूछताछ के सिलसिले में हो सकती है।

हालांकि, उनके सीआईडी के समक्ष पेश होने को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में 30 मई की दोपहर कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना के तुरंत बाद सामने आया है।

वहीं, शनिवार को दो निजी अस्पतालों ने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से इनकार कर दिया। अस्पतालों ने आधिकारिक तौर पर कहा कि "भर्ती की आवश्यकता नहीं है"।

इसके बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित उनके आवास पर वापस ले आईं।

ममता बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि उनके भतीजे के आवास पर उचित इलाज सुनिश्चित करने के लिए "अस्पताल जैसी सुविधा" स्थापित की गई है।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अभिषेक बनर्जी पूछताछ के लिए अपने आवास के काफी करीब स्थित भवानी भवन में स्थित सीआईडी मुख्यालय में पेश होंगे।

सीआईडी ने उन्हें 30 मई को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। शुरुआत में एजेंसी के जांचकर्ता नोटिस देने के लिए हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके घर गए थे। बाद में जब पता चला कि बनर्जी कालीघाट स्थित अपने दूसरे आवास पर हैं, तो सीआईडी अधिकारी वहां पहुंचे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा। अभिषेक बनर्जी ने बाद में कहा कि वे उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे।

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस क्यों जारी किया गया है।

घटनाक्रम से परिचित सूत्रों का कहना है कि यह नोटिस पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, दो उपनेताओं और मुख्य सचेतक के नामांकन प्रस्तावों पर तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों की सीआईडी की चल रही जांच से संबंधित है।

प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने से पहले पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को उपनेता तथा कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नामित किया था।

हालांकि, अध्यक्ष रथेंद्र बोस ने तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव प्रस्तुत करने पर जोर दिया। कुछ हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियां पाए जाने के बाद मामला सीआईडी को सौंप दिया गया।

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