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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · रात 3:01 · नई दिल्ली संस्करण

साइबर ठगी का शिकार हुआ पुलिस अफसर, लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़े इतने हज़ार रूपए

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन98 बार पढ़ा गया
साइबर ठगी का शिकार हुआ पुलिस अफसर, लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़े इतने हज़ार रूपए

मुंबई में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना एक पुलिस उपनिरीक्षक को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए 78,765 रुपये निकाल लिए। मामले में मुंबई की खेरवाड़ी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, एस.वी. विरणोडकर (58) पुलिस उपनिरीक्षक हैं और मुंबई स्थित बॉम्बे हाईकोर्ट में मामलों से संबंधित कार्य के लिए उनकी नियुक्ति है। वह आने वाले कुछ महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

13 अगस्त को उनके बैंक खाते से दो संदिग्ध लेनदेन हुए, लेकिन उस समय उन्हें खाते से पैसे निकलने की जानकारी नहीं मिली। दो दिन बाद, 15 अगस्त को पेट्रोल पंप पर भुगतान करने के लिए उन्होंने मोबाइल में यूपीआई खोला। इस दौरान उन्हें खाते में शेष राशि कम दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने बैंक खाते के लेनदेन की जांच की तो दो अनजान ट्रांजेक्शन सामने आए। तब उन्हें ऑनलाइन ठगी का पता चला। पुलिस जांच में सामने आया है कि विरणोडकर ने इससे पहले एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। लिंक खोलने के कुछ देर बाद उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया और स्क्रीन पर ‘Emergency Calling’ का संदेश दिखाई देने लगा। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से दो लेनदेन कर कुल 78,765 रुपये निकाल लिए।

फ्रॉड का पता चलते ही विरणोडकर ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद ठगी की रकम को रोकने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी संबंधित बैंकों से मांगी है। विरणोडकर की लिखित शिकायत के आधार पर खेरवाड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल संदिग्ध बैंक खातों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

संदिग्ध लिंक से रहें सावधान: घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और बैंक खाते, यूपीआई, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि ऑनलाइन ठगी हो जाए तो बिना समय गंवाए 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें। पुलिस के अनुसार, जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी की रकम को संबंधित खातों में फ्रीज या रोकने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।

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