''प्रणति'' में आज इन महान कलाकारों की होने जा रही प्रस्तुति, विश्वविख्यात सितार वादक नीलाद्रि कुमार, अमान-अयान अली बंगश समेत कई प्रस्तुति
भोपाल, । मध्यप्रदेश, देश की संगीत विरासत का वास्तविक
प्रतिनिधि है और इस बात से युवा पीढ़ी को अवगत कराने और अपनी संस्कृति के
प्रति जागरूक कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग तथा
संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली गायन, वादन एवं नृत्य को समर्पित ‘‘प्रणति’’
का आयोजन भोपाल में आज यानी कि मंगलवार से शुरू हो रहा है । जिसमें पहले
दिन प्रख्यात सरोद वादक श्री अमान-अयान अली बंगश, दिल्ली का सरोद वादन
होगा। इसके बाद विनायक तोरवी, कर्नाटक का शास्त्रीय गायन होगा। अगली
प्रस्तुति विश्वविख्यात सितार वादक नीलाद्रि कुमार, मुम्बई की सितार वादन
की होगी। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति सुश्री प्रेरणा श्रीमाली, जयपुर की
कथक नृत्य की होने जा रही है।
इस संबंध में संचालक,
संस्कृति संचालनालय एन.पी. नामदेव का कहना है कि आयोजन में देश के
ख्यातिलब्ध कला गुरू अपनी सुदीर्घ कला साधना को प्रस्तुत करने जा रहे हैं ।
साथ ही यह पहला अवसर होगा जब एक मंच पर कई पद्म पुरस्कार प्राप्त कलाकार
अपनी प्रस्तुति देंगे, संस्कृति विभाग का यह प्रयास है कि भोपाल के सुधिजन
कला गुरूओं की सुदीर्घ साधना से परिचित हो सकें और प्रदेश के सुरीले
सांस्कृतिक वातावरण में एक नया सुर जोड़ा जा सके। भोपाल एवं मध्यप्रदेश के
लिये यह विशिष्ट आयोजन होगा, जब एक मंच पर देश के जाने-माने कलाकारों की
प्रस्तुति देखना अविस्मरणीय अनुभव होगा।
यह है अन्य दिनों का प्रोग्राम
26
जून को सुप्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, लखनऊ का शास्त्रीय
गायन होगा। इसके बाद जाने-माने कलाकार पद्म भूषण विश्वमोहन भट्ट एवं सलिल
भट्ट का मोहन वीणा/सात्विक वीणा वादन की सभा सजेगी। अंत में सुश्री शुभदा
वराडकर, मुम्बई का ओडिसी नृत्य होगा।
27
जून को पहली प्रस्तुति सुश्री सुधा रघुनाथन, बेंगलुरू की शास्त्रीय गायन
की होगी। इसके बाद रूपक कुलकर्णी, मुम्बई की बांसुरी वादन की सभा सजेगी।
वहीं, अंतिम प्रस्तुति सुश्री दीप्ति ओमचारी भल्ला, दिल्ली की मोहिनीअट्टम
की होगी।
28 जून को सबसे
पहले पल्लकड रामप्रसाद, कर्नाटक का शास्त्रीय गायन होगा, इसके बाद एन. राजम
एवं सुश्री रागिनी शंकर, मुम्बई का युगल वायोलिन वादन होगा। अंत में
सुश्री अनुषा जे.वी. , हैदराबाद का कुचिपुड़ी नृत्य होगा।
प्रणति
के अंतिम दिन 29 जून को सुश्री मंजरी असनारे केलकर, नासिक के शास्त्रीय
गायन से शाम की शुरूआत होगी। इसके बाद योगेश समसी, मुम्बई का तबला वादन
होगा और अंत में सुश्री रेवती रामचंद्रन, चेन्नई का भरतनाट्यम नृत्य होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है ।




