अकाली दल चीफ सुखबीर बादल का बड़ा ऐलान- 'पंजाब सर्वोपरि, कांग्रेस-AAP से नहीं होगा समझौता...'
शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वे कांग्रेस और AAP को छोड़ किसी भी समान विचार वाली पार्टी से गठबंधन को तैयार हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, उनके लिए पंजाब सर्वोपरि है। उनके इस बयान के बाद भाजपा से फिर गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। पीएम मोदी और अमित शाह से हालिया मुलाकातों के बाद NDA में वापसी के कयास लग रहे हैं। बसपा और SAD (पुनर सुरजीत) भी संभावित सहयोगी हैं।

चंडीगढ़। पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा सियासी दांव चल दिया है। एक टेलीविजन इंटरव्यू और राज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़कर समान विचारधारा वाली किसी भी पार्टी से गठबंधन के लिए तैयार है। सुखबीर बादल ने साफ कहा कि शिअद के दरवाजे उन सभी दलों के लिए खुले हैं, जो पंजाब के हितों की बात करते हैं और उनकी विचारधारा से मेल खाते हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब और पंजाब के लोग हमारी प्राथमिकता हैं। हमारे लिए पंजाब सर्वोपरि है।"
सुखबीर के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। यह पहला मौका है जब उन्होंने 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में NDA से अलग होने के बाद गठबंधन को लेकर इतनी खुलकर बात की है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अकाली दल के संभावित सहयोगी भाजपा, बसपा और अकाली दल की टूटी हुई धड़ी SAD (पुनर सुरजीत) हो सकती हैं। अंदरखाने खबर है कि अकाली दल पुनर सुरजीत के नेता गुरप्रताप सिंह वडाला ने भी माना है कि दोनों दलों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन उन्होंने शर्त रखी है कि सुखबीर पहले अध्यक्ष पद छोड़ें।
सुखबीर के बयान को भाजपा-अकाली दल के पुराने रिश्ते की वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अगस्त में संसद के मानसून सत्र के दौरान सुखबीर की पीएम नरेंद्र मोदी से वन-टू-वन मुलाकात हुई थी। इसके बाद हरसिमरत कौर बादल ने भी गठबंधन के संकेत दिए थे। गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुवार को जालंधर में कहा था कि पंजाब में जल्द NDA की सरकार बनेगी। शाह के इस बयान को भी गठबंधन की ओर इशारा माना जा रहा है। हालांकि पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों अभी भी कह रहे हैं कि पार्टी सभी 117 सीटों पर अकेले लड़ेगी।
सूत्रों के मुताबिक सीट बंटवारे पर पेंच है। भाजपा 117 में से कम से कम 60 सीटें मांग रही है, जबकि पहले अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर लड़ती थी। सुखबीर ने कहा कि कांग्रेस और AAP ने पंजाब को बर्बाद किया है। कांग्रेस ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में भूमिका निभाई, जबकि AAP सरकार में नशा कारोबार बढ़ा है। इसलिए इन दोनों से कोई समझौता नहीं हो सकता। 10 नवंबर से सुखबीर तलवंडी साबो से 117 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा भी शुरू करने वाले हैं, ताकि पार्टी का जनाधार फिर से मजबूत हो सके।




