मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:29 · नई दिल्ली संस्करण

सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत : स्टार्टअप फाउंडर्स

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन48 बार पढ़ा गया
सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत : स्टार्टअप फाउंडर्स

नई दिल्ली। भारत के प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों ने गुरुवार को कहा कि पिछले एक दशक में देश का स्टार्टअप क्षेत्र अभूतपूर्व रूप से आगे बढ़ा है। इसके पीछे स्थिर सरकार की स्थिर नीतियां, स्टार्टअप इंडिया पहल, सरकार का सहयोग और मजबूत उद्यमशील संस्कृति बड़ी वजह रही है।

'स्टार्टअप इंडिया' पहल के 16 जनवरी को दस साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर उद्यमियों का मानना है कि भारत अब वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में से एक बन चुका है और देश में उद्यमिता का भविष्य काफी उज्ज्वल है।

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स के लिए पिछला दशक बहुत अच्छा रहा है, खासकर जब इसकी तुलना दुनिया के दूसरे हिस्सों से की जाए।

उन्होंने कहा कि नीतियों में स्थिरता और निरंतरता ने भारत को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों से आगे रखा है।

निखिल कामथ के अनुसार, जहां वैश्विक निवेशक यूरोप, चीन और अमेरिका को लेकर सतर्क हैं, वहीं भारत को लेकर वे अब भी सकारात्मक सोच रखते हैं।

उन्होंने कहा कि विदेश में भारत की स्टार्टअप कहानी अच्छे तरीके से बताई गई है, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

कामथ ने यह भी कहा कि आज भारत में उद्यमिता को समाज में स्वीकार किया जाने लगा है और युवा इसे एक आकर्षक विकल्प मानने लगे हैं।

ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें 'स्टार्टअप प्रधानमंत्री' बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दूरदर्शी सोच रखने के साथ ही जमीनी स्तर पर काम को सफल बनाने पर भी पूरा ध्यान देते हैं।

रितेश अग्रवाल ने 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं को समाज की सोच बदलने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि अब परिवारों में भी उद्यमिता को करियर के रूप में स्वीकार किया जाने लगा है।

उन्होंने बताया कि उनकी अपनी मां ने भी उद्यमिता को तभी सम्मानजनक पेशा माना, जब सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप्स का समर्थन किया।

मैपमाईइंडिया के सीईओ और कार्यकारी निदेशक रोहन वर्मा ने कहा कि 'डिजिटल इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' को लेकर प्रधानमंत्री की दीर्घकालिक सोच ने युवाओं को प्रेरित किया है।

उन्होंने कहा कि ऐसा नेतृत्व आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत संदेश देता है और अगले दो दशकों में भारत के नवाचार क्षेत्र पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।

मीशो के को-फाउंडर संजीव बर्नवाल ने कहा कि 2014 के बाद से 'स्टार्टअप इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं के कारण भारत का स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है।

पॉलिसीबाजार के सीईओ और को-फाउंडर याशीष दहिया ने कहा कि सरकार की 'कम सरकार, बेहतर शासन' की सोच ने स्टार्टअप्स के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि 'स्टार्टअप इंडिया' ने देशभर में उद्यमिता की लहर पैदा की है, जो शहरों के साथ-साथ जिलों और राज्यों तक पहुंची है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर