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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · रात 11:57 · नई दिल्ली संस्करण

एसआईआर विवाद: ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की नई अर्जी, अपना पक्ष खुद रखने की इजाजत मांगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन15 बार पढ़ा गया
एसआईआर विवाद: ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की नई अर्जी, अपना पक्ष खुद रखने की इजाजत मांगी

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की है। उन्होंने चुनाव आयोग को मतदाता सूची से कोई भी नाम हटाने से रोकने और अपना पक्ष खुद रखने की अपील की।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से एसआईआर प्रक्रिया में तुरंत निर्देश जारी करने की अपील की है। उन्होंने एसआईआर को लेकर चेतावनी दी है कि अनिवार्य सुनवाई, दस्तावेजों को खारिज करने और माइक्रो ऑब्जर्वर के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है।

नई याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने लोगों के आवेदनों में मामूली गलतियों के लिए भी कई लोगों को सर्कुलर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने मांग की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि 2022 की वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम न हटाया जाए और किसी भी वोटर का वोट देने का अधिकार न छीना जाए।

इसके साथ ही, आधार, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, पंचायत निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना डेटा, भूमि या घर आवंटन प्रमाण पत्र और राज्य के सक्षम अधिकारियों की ओर से जारी किए गए अन्य दस्तावेज चुनाव आयोग की तरफ से स्वीकार किए जाएं।

उन्होंने याचिका में अपना पक्ष खुद रखने की इजाजत भी मांगी।

ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे इस केस में तथ्यों और हालात की पूरी जानकारी है। मैं एक सूबे की मुख्यमंत्री और टीएमसी पार्टी की चेयरपर्सन हूं। मैं कोर्ट के कामकाज के तरीके और अनुशासन से बखूबी वाकिफ हूं। अगर कोर्ट में मैं अपनी बात खुद रखती हूं तो कोर्ट को इस मामले के निपटारे में मदद मिलेगी।

सुनवाई से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं।

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