मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:39 · नई दिल्ली संस्करण

साजिद रशीदी बोले- भगवान कृष्ण पर टिप्पणी गलत, जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का करेंगे विरोध

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
साजिद रशीदी बोले- भगवान कृष्ण पर टिप्पणी गलत, जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का करेंगे विरोध

नई दिल्‍ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने भगवान श्रीकृष्ण पर मौलाना की टिप्पणी की आलोचना की। इसके साथ ही उन्‍होंने जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया और आरोप लगाया कि सरकार वंदे मातरम जैसे मुद्दों पर मुसलमानों को निशाना बना रही है।

मौलाना जरजिस अंसारी के इस दावे पर कि भगवान कृष्ण एक मुसलमान थे जो दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी कहते हैं, "मैंने कहा है कि यह बयान गलत है। किसी को भी दूसरों की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। हां, हमारा यह विश्वास है कि दुनिया में लगभग 1,24,000 पैगंबर या ईश्वर के संदेशवाहक आए। उनमें से कौन हो सकता था या नहीं, यह विश्वास हमें अपने तक ही सीमित रखना चाहिए। यह कहना कि कोई खास व्यक्ति नमाज पढ़ता था या इस्लाम का प्रचार करता था, मेरी नजर में ऐसी बात है जिससे किसी की आस्था को ठेस पहुंच सकती है।"

उन्‍होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ऐसे वक्‍त में जब हिंदू-मुस्लिम नफरत चरम पर है, इस तरह के बयान नहीं देना चाहिए। हालांकि मौलाना जरजिस अंसारी के बयान को बहुत महत्‍व दिया जा रहा है। इससे पहले हिंदुओं ने ही कहा है कि सनातन कैंसर और डेंगू-मलेरिया है, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। चूंकि मौलाना जरजिस मुसलमान हैं, इसलिए इन पर बवाल ज्‍यादा मचाया जा रहा है।

मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार ऐसा बिल पेश करने वाली है, जिसके तहत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गायन के दौरान जानबूझकर अपमान करना या बाधा डालना दंडनीय अपराध बनाना है।

'वंदे मातरम' बिल पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि जो सरकारें धर्म या आस्था से जुड़े मामलों पर ऐसे बिल लाती हैं, उनके पास करने के लिए और कुछ नहीं होता। सरकारों के लिए असली मुद्दे महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा हैं।

इन्हीं मामलों पर उन्हें ध्यान देना चाहिए। पहले कहा गया कि राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' गाया जाएगा और लोगों को इसके लिए खड़ा होना होगा और अब इस मुद्दे पर बिल लाया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि यह मुसलमानों को परेशान करने की जानबूझकर की गई कोशिश है और इस मुद्दे पर उन्हें निशाना बनाने की एक नाकाम कोशिश है।

उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर साजिद रशीदी ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्‍होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी किसी का घर नहीं है और इसका कोई इकलौता मालिक नहीं है। सभी वर्ग और धर्मों के लिए शिक्षा का केंद्र है।

शिक्षा के केंद्र पर बुलडोजर चलवाना बच्‍चों के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ है।

उन्‍होंने कहा कि मेरा मानना है कि इस तरह का आदेश डीएम को नहीं देना चाहिए था। अगर जौहर यूनिवर्सिटी सरकारी जमीन पर बनी है तो भी डीएम इसे अपने संरक्षण में लेकर चलाएं।

यूनिवर्सिटी को नहीं तोड़ना चाहिए, इसके खिलाफ मुसलमानों को एकजुट होकर खड़े होने की जरूरत है। पूरे देश में मुसलमानों के लिए गिनती की कुछ यूनिवर्सिटी हैं। मेरा मानना है कि डीएम को इस तरह के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए और फैसले को वापस लेने की जरूरत है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर