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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:31 · नई दिल्ली संस्करण

Breaking: सावधान! तुर्की के साथ मिलकर पाकिस्तान भारत के खिलाफ रच रहा बड़ी साजिश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन238 बार पढ़ा गया
Breaking: सावधान! तुर्की के साथ मिलकर पाकिस्तान भारत के खिलाफ रच रहा बड़ी साजिश

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया था। उसने ड्रोन से लेकर और तमाम जरुरतें पाकिस्तान की पूरी की थी। आज इसी तुर्की के लड़ाकू विमान पाकिस्तान के आसमान पर मंडराते नजर आ रहे हैं। इससे भारत की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि ये भी सही है कि भारत अपने आप में हर एक परिस्थिति से निपटने में समक्ष है। पाकिस्तान और तुर्की के बीच गहराता सैन्य गठजोड़ एक बार फिर क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

पूर्व में भी भारत के खिलाफ कथित रूप से साझा रणनीतिक साठ-गांठ करने वाले इन दोनों देशों के बीच बीते कुछ दिनों से असामान्य सैन्य गतिविधि देखी जा रही है, जिसने चिंताएँ बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 60 घंटों के दौरान पाकिस्तान के आसमान में तुर्की के कई सैन्य विमानों की लगातार और असामान्य आवाजाही दर्ज की गई है। विशेष रूप से, पाकिस्तान वायु सेना के दो प्रमुख एयरबेस पर तुर्की सैन्य विमानों को उतरते और उड़ान भरते देखा गया है, जो इस हलचल का केंद्र बने हुए हैं। यह गतिविधि 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आई, जब तुर्की वायु सेना के कई सी-130 हरक्यूलिस विमानों ने तुर्की और पाकिस्तान के बीच लगातार उड़ानें भरीं।

इन भारी-भरकम सैन्य परिवहन विमानों को रावलपिंडी के पास नूर खान एयरबेस और कराची के मसरूर एयरबेस पर बार-बार देखा गया। खुफिया सूत्रों का कहना है कि इतने कम समय में विमानों की इतनी अधिक उड़ानों का यह पैटर्न बेहद असामान्य है और यह किसी बड़े सैन्य या रणनीतिक हस्तांतरण की ओर इशारा करता है। इस तरह की लगातार आवाजाही आमतौर पर महत्वपूर्ण सामग्री या कर्मियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण के दौरान ही देखी जाती है, जिससे क्षेत्रीय शक्तियों की भौंहें तन गई हैं। पाकिस्तान भले ही इस आवाजाही के संबंध में चुप्पी साधे हुए हो, लेकिन खुफिया विश्लेषकों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सैन्य विमानों का उपयोग पाकिस्तान को ड्रोन और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम वितरित करने के लिए किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की इन उड़ानों के जरिए पाकिस्तान को उन्नत ड्रोन और उनसे जुड़े तकनीकी प्रणालियों की एक बड़ी खेप सौंप रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि ड्रोन उपकरणों के साथ-साथ तुर्की, पाकिस्तान को एचक्यू-सीरीज का एक अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भी प्रदान कर रहा है। यह आपूर्ति पाकिस्तान की वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और उसकी ड्रोन युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि तुर्की ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान को ड्रोन और इसी तरह के हथियार उपलब्ध कराए हैं। बीते साल, जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हुई थी, तब भी तुर्की के ड्रोनों को पाकिस्तान भेजे जाने के स्पष्ट सबूत मिले थे।

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