मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · शाम 5:24 · नई दिल्ली संस्करण

योगी सरकार में मुख्तार को एक साल छह माह के अंदर आठ मुकदमों में सुनाई गई थी सजा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन1 बार पढ़ा गया

लखनऊ । अन्तर-जनपदीय गैंग (आईएस-191) के गैंग लीडर माफिया डॉन

मुख्तार अंसारी की गुरुवार की रात बांदा के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान

मौत हो गई। डॉक्टर मौत की वजह हार्ट अटैक बता रहे हैं। इधर, रात में ही

पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराकर शव उनके पैतृक गांव गाजीपुर ले जाने की

योजना बना रही है। पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

मुख्तार

अंसारी के आपराधिक रिकॉर्ड की बात करें तो नई दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश

के कई जिलों में करीब 65 आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। इन 65 मामलों में 21

अभियोगों का विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। ऑपरेशन कॉन्विक्शन के

तहत अभियुक्त मुख्तार के मुकदमों की जा रही पैरवी के चलते बीते एक साल छह

माह के अंदर आठ मुकदमों में न्यायालय की ओर से सजा सुनाई जा चुकी हैं।

वर्ष

2020 से पुलिस मुख्यालय स्तर पर मुख्तार अंसारी गैंग के 297 सदस्य और

सहयोगियों को चिन्हित करते हुए 161 अभियोग दर्ज किए गए। 175 लाइसेंसी

शस्त्र धारकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गैंग से संबंधित पांच माफिया और

सहअपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। 164 अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर

अधिनियम एवं छह अभियुक्तों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के कार्रवाई

करते हुए 608 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति जब्त या तो धवस्त की गई है।

माफिया के 215 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध व्यवसाय भी बंद कराए गये।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर