मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · दोपहर 12:36 · नई दिल्ली संस्करण

मप्रः इंदौर नगर निगम में फर्जी बिल की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन2 बार पढ़ा गया

भोपाल। इंदौर नगर निगम में फर्जी बिल की जांच के लिए सामान्य

प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। समिति

के अध्यक्ष प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर और सदस्यों के रूप में

सचिव वित्त विभाग अजीत कुमार और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को

सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

जानकारी के

मुताबिक, नगर निगम इंदौर में जल यंत्रालय तथा ड्रेनेज विभाग के 20 फर्जी

बिल पकड़े जाने पर पांच फर्मों- मैसर्स जहान्वी इंटरप्राइजेस, मैसर्स

क्षितिज इंटरप्राइजेस, मैसर्स किंग कंस्ट्रक्शन, मैसर्स नीव कंस्ट्रक्शन और

मैसर्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन के 20 बिल बिना किसी निविदा, अनुबंध और बिना

कार्य के फर्जी बनाकर निगम की वित्त शाखा में प्रस्तुत किए गए। इस आधार पर

उक्त फर्मों को तीन करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री

मोहन यादव के निर्देश पर पांचों फर्मों को ब्लैक लिस्ट कर भुगतान पर

प्रतिबंध लगा दिया गया है।

घटना की जानकारी मिलने पर इंदौर

नगर निगम आयुक्त ने एक जांच समिति गठित की। इन पांच फर्मों में पिछले 10

वर्षों में पाए गए 188 प्रकरणों की जांच समिति कर रही है। समिति की

प्राथमिक विवेचना में दोषी पाये गये दो कर्मचारियों भूपेंद्र पुरोहित और

सुनील भंवर को कारण बताओ नोटिस जारी कर हाजरी मुक्त कर दिया गया है।

पुलिस

द्वारा जहान्वी इंटरप्राइजेस के राहुल बडेरा, मैसर्स क्षितिज इंटरप्राइज

की रेणु बडेरा, मैसर्स किंग कंस्ट्रक्शन के मो. जाकिर और मैसर्स न्यू

कंस्ट्रक्शन के मो. साजिद, लेखा विभाग नगर निगम के पूर्व विनियमित क्लर्क

राजकुमार साल्वी, उपयंत्री उदय भदौरिया और कम्प्यूटर आपरेटर चेतन भदौरिया

को हिरासत में लिया गया है। इनमें से उक्त नगर निगम में कार्यरत कर्मियों

की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

सहायक यंत्री अभय राठौर को

निलंबित किया गया है। इधर, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव के

पत्र के आधार पर वित्त विभाग द्वारा नगर निगम में वित्त विभाग के पदस्थ

लोकल फंड के समर सिंह परमार, उप संचालक जगदीश ओहरिया और रामेश्वर परमार को

शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की

जा रही है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर