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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:36 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में राज्य सरकार से मेंटीबिलिटी पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन2 बार पढ़ा गया

रांची,। झारखंड हाई कोर्ट में एक निजी चैनल के मालिक अरूप

चटर्जी ने तत्कालीन एसएसपी, डीएसपी समेत कुछ अवैध कोयला के कारोबारियों के

खिलाफ केस दर्ज करने को लेकर दाखिल याचिका की सुनवाई शुक्रवार काे हुई।

मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की कोर्ट ने राज्य सरकार

के अलावा ईडी और सीबीआई से भी जवाब दाखिल करने को कहा है।

मामले

में महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यह याचिका

सुनवाई योग्य नहीं है। इसमें बेबुनियाद बातें कही गई है। इस मामले पर

याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने अपने चैनल पर धनबाद से जुड़े कुछ अवैध

कोयला कारोबारियों से जुड़ी स्टोरी चलाई थी, जिसके बाद धनबाद पुलिस ने उन

पर कार्रवाई की।

धनबाद में अरूप चटर्जी के खिलाफ कुछ एफआईआर दर्ज

किए गए थे। दर्ज एफआईआर के आरोपों की वजह से अरूप चटर्जी को जेल भी जाना

पड़ा था। हालांकि, बाद में समझौता के आधार पर उन्हें कई मामलों में जमानत

मिली है। अरूप चटर्जी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर धनबाद के तत्कालीन

एसएसपी, डीएसपी और कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करते

हुए याचिका दाखिल की है। अरूप चटर्जी की ओर से कहा गया है कि ये पुलिस

अधिकारी धनबाद में कोयले के अवैध व्यापार में वसूली का काम करते थे। उनके

द्वारा जानबूझकर इस मामले में उन्हें फंसाया गया है और उनके खिलाफ

प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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