मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · शाम 7:19 · नई दिल्ली संस्करण

टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन, 59 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ पहुंचे विधानसभा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन, 59 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ पहुंचे विधानसभा

कोलकाता। हावड़ा जिले की उलुबेरिया (पूर्व) सीट से तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे। उनके साथ पार्टी के 59 विधायकों के समर्थन पत्र भी थे। उन्होंने दावा किया कि उनका गुट ही राज्य में मुख्य विपक्षी दल है, जबकि ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार गुट अब अल्पमत में है।

जब ऋतब्रत बनर्जी सुबह करीब 10:30 बजे विधानसभा परिसर पहुंचे, तो नए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले पार्टी के विधायक एक-एक कर उनके साथ जुड़ने लगे।

इन विधायकों का कहना था कि उत्तरी कोलकाता के एंटाली क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य निष्कासित विधायक संदीपान साहा भी किसी भी समय विधानसभा परिसर पहुंच सकते हैं।

एक महिला विधायक ने कहा, “संदीपान के पहुंचने के बाद एक संक्षिप्त बैठक की जाएगी। इसके बाद जो भी जरूरी फैसला होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी और फिर मीडिया को जानकारी दी जाएगी।”

मंगलवार को ऋतब्रत बनर्जी ने बिना सीधे कुछ कहे विधानसभा परिसर पहुंचने के बाद ऐसे कदम के संकेत दिए थे।

इस दौरान उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा और 30 मई को सोनारपुर में हुए हमले के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की मांग करने को लेकर उनकी आलोचना की।

ऋतब्रत ने कहा, “वह किस तरह के जननेता हैं? पार्टी की करारी हार के बाद वह 26 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले। अब वह अपनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की मांग कर रहे हैं। इससे पहले वह कहते थे कि जनता उनकी रक्षा के लिए मौजूद है।

फिर अब उन्हें सुरक्षा बलों की जरूरत क्यों पड़ रही है?”

उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर तृणमूल कांग्रेस को कॉर्पोरेट शैली में चलाने का आरोप भी लगाया। ऋतब्रत ने कहा कि पार्टी पूरी तरह इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) पर निर्भर होकर काम कर रही है।

सोमवार को ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा दोनों को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। यह घोषणा उस समय की गई, जब विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस के सीआईडी ने विधानसभा से जुड़े एक महत्वपूर्ण दस्तावेज में तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है। यह जांच तब शुरू हुई, जब दोनों निष्कासित विधायकों ने इस मामले की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस के कार्यालय को दी थी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर