मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:17 · नई दिल्ली संस्करण

Big Breaking: Bihar के पूर्व CM जीतनराम मांझी की तबीयत बिगड़ने से समर्थकों में चिंता, दिल्ली में डॉक्टरों ने कहा...

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन152 बार पढ़ा गया
Big Breaking: Bihar के पूर्व CM जीतनराम मांझी की तबीयत बिगड़ने से समर्थकों में चिंता, दिल्ली में डॉक्टरों ने कहा...

केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के संरक्षक जीतनराम मांझी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना से दिल्ली ले जाया गया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री मांझी को हाल ही में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनकी हालत में सुधार के बाद उन्हें बुधवार को ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि, बुधवार देर रात उन्हें फिर से बुखार आ गया, जिसके बाद चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया। परिवार के सदस्य यात्रा के दौरान उनके साथ थे।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मांझी के कई मेडिकल टेस्ट होने की उम्मीद है। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के दोबारा उभरने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। उनके परिवार के सदस्य और पार्टी के नेता परीक्षणों के परिणामों और डॉक्टरों से मिलने वाली जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। मांझी के स्वास्थ्य की खबर से बिहार के राजनीतिक नेताओं और उनके समर्थकों में चिंता बढ़ी है। मांझी हाल के हफ्तों में राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहे हैं, विशेष रूप से आरक्षण के मुद्दे और अनुसूचित जाति कोटा के भीतर उप-वर्गीकरण की मांग को लेकर। उनके रुख के कारण केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ सार्वजनिक तौर पर विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ है।

जहां चिराग पासवान ने मौजूदा आरक्षण प्रणाली की किसी भी समीक्षा का विरोध किया है, वहीं मांझी और उनकी पार्टी ने आरक्षण का लाभ उन समुदायों तक पहुंचाने के लिए उप-वर्गीकरण का समर्थन किया है, जिन्हें सबसे वंचित माना जाता है। मांझी ने 2024 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि राज्य संवैधानिक आवश्यकताओं के अधीन रहते हुए अनुसूचित जाति कोटा के भीतर उप-वर्गीकरण कर सकते हैं।

उन्होंने तर्क दिया है कि यह फैसला राज्यों को यह जांच करने का आधार प्रदान करता है कि क्या आरक्षण का लाभ अनुसूचित जाति समुदाय के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रहा है। उनका कहना है कि कुछ समुदायों को ऐतिहासिक रूप से आरक्षण लाभों का असमान हिस्सा मिला है, जबकि आर्थिक और शैक्षिक रूप से वंचित समूह कम प्रतिनिधित्व वाले रहे हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर