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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:45 · नई दिल्ली संस्करण

ग्वालियरः जिले में फसलों के अवशेष जलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन77 बार पढ़ा गया

धारा-144 के तहत आदेश जारी, उल्लंघन पर धारा-188 के तहत होगी पुलिस कार्रवाई

ग्वालियर। जिले में फसलों के अवशेष मसलन गेहूँ की नरवाई इत्यादि

जलाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी किसान फसल

कटने के बाद अपने खेत पर फसल के अवशेष नहीं जला सकेगा। साथ ही हार्वेस्टर

मशीन संचालकों को हार्वेस्टर के साथ अनिवार्यत: स्ट्रारीपर (भूसा बनाने की

मशीन) लगाकर कटाई करनी होगी। यदि कोई कृषक बिना स्ट्रारीपर के फसल काटने के

लिये दबाब डालता है तो उसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने, ग्राम पंचायत सचिव

या ग्राम पंचायत निगरानी अधिकारी को देना होगी।

कलेक्टर

एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान ने रविवार को धारा-144 के तहत इस आशय का

प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। उन्होंने फसल के अवशेष जलाने से फैलने

वाले प्रदूषण पर अंकुश, अग्नि दुर्घटनाएँ रोकने एवं जान-माल की रक्षा के

उद्देश्य से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों के तहत यह आदेश जारी

किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन पर भारतीय दण्ड

विधान की धारा-188 के तहत कार्रवाई होगी। साथ ही किसी ने अवशेष जलाए तो उसे

पर्यावरण मुआवजा भी अदा करना होगा।

आदेश में स्पष्ट किया

गया है कि दो एकड़ से कम भूमि धारक को 2500 रुपये प्रति घटना, दो एकड़ से

अधिक व पाँच एकड़ से कम भूमि धारक को पाँच हजार रुपये प्रति घटना एवं पाँच

एकड़ से अधिक भूमि धारक को 15 हजार रुपये प्रति घटना पर्यावरण मुआवजा देना

होगा।

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