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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · रात 3:51 · नई दिल्ली संस्करण

कॉरपोरेट जगत की क्रूरता! अमेरिका में 80 भारतीयों के साथ अचानक हुई छंटनी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन101 बार पढ़ा गया
कॉरपोरेट जगत की क्रूरता! अमेरिका में 80 भारतीयों के साथ अचानक हुई छंटनी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

अमेरिका से भारतीयों के प्रति कथित पूर्वाग्रह और बेरुखी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक अमेरिकी कंपनी पर आरोप लगा है कि उसने महज पांच मिनट की एक वर्चुअल मीटिंग में 80 भारतीय कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाल दिया। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक प्रभावित कर्मचारी ने अपनी आपबीती के तौर पर साझा की है। हालांकि, इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और न ही संबंधित कंपनी का नाम सार्वजनिक किया गया है।

कंपनी की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे पूरे प्रकरण में रहस्य बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, यह अमेरिकी फाइनेंशियल फर्म थी जिसने अपनी पूरी भारतीय कस्टमर सपोर्ट टीम को गूगल मीट कॉल के जरिए अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया। पीड़ित यूजर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उसने कंपनी के लिए अथक परिश्रम और निष्ठा से काम किया था, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रति मानवीयता का जरा भी ख्याल नहीं रखा।

उसने कॉरपोरेट जगत की अमानवीय प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी कंपनियां कर्मचारियों को किसी उपयोगहीन वस्तु की तरह कभी भी बाहर फेंक सकती हैं। पीड़ित कर्मचारी के मुताबिक, वह कंपनी के कस्टमर सपोर्ट विभाग में कार्यरत था। एक शाम अचानक, घर से काम कर रहे कर्मचारियों को रात करीब 9:30 बजे एक गूगल मीट इनविटेशन मिला। कॉल पर उन्हें बताया गया कि पूरी भारतीय कस्टमर सर्विस टीम को बर्खास्त किया जा रहा है। महज पांच मिनट की इस कॉल में 80 कर्मचारियों को एक झटके में नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे 80 परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया।

इस अप्रत्याशित बर्खास्तगी से दुखी कर्मचारी ने जॉब सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल उठाए। उसने अपने पोस्ट में लिखा कि उसे इस बात का अफसोस है कि उसने इस नौकरी के लिए इतनी कड़ी मेहनत की, जबकि कॉरपोरेट कंपनियां कर्मचारियों को किसी कचरे की तरह कभी भी बाहर फेंक सकती हैं। कर्मचारी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि अब वह नई नौकरी कैसे ढूंढेगा और अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेगा।

पोस्ट के फॉलो-अप कमेंट्स में कर्मचारी ने बताया कि कंपनी ने इस छंटनी की वजह असंतोषजनक आउटपुट बताई है। कंपनी का दावा था कि भारतीय टीम से उन्हें अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिल रहा था। उन्होंने भारतीय कर्मचारियों की तुलना अपनी अमेरिकी टीम से करते हुए खराब प्रदर्शन का हवाला दिया और पूरी टीम को बर्खास्त करने का फैसला लिया। इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों की नौकरी की सुरक्षा और उनके प्रति रवैये को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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