मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:12 · नई दिल्ली संस्करण

गैस पीड़ितों का भोपाल में हल्ला बोल, सुविधाएं घटाने के फैसले का विरोध

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
गैस पीड़ितों का भोपाल में हल्ला बोल, सुविधाएं घटाने के फैसले का विरोध

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गैस पीड़ितों ने कमला नेहरू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है, साथ ही उन्होंने धरना भी दिया । भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों ने आज कमला नेहरू अस्पताल में धरना दिया और सरकार को चेतावनी दी कि गैस पीड़ितों के इमरजेंसी वार्ड और अन्य सुविधाओं को हटाने की कोई भी कार्रवाई उन्हें बर्दाश्त नहीं होगी।

गैस पीड़ितों के लिए संघर्ष करने वाले चार संगठन की अगुवाई में यह धरना आयोजित किया गया। धरने को संबोधित करते हुए भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की नेता रशीदा बी ने प्रस्तावित स्थानांतरण पर गहरी चिंता जताई।

उन्होंने कहा, इमरजेंसी वार्ड को हमीदिया अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में शिफ्ट करना, जहाँ लगातार विकिरण का खतरा बना रहता है, गैस पीड़ितों की जान से खिलवाड़ करने के बराबर है।

पीड़ितों का आरोप है कि इस स्थानांतरण से पहले न तो कोई स्वतंत्र रेडियोलॉजिकल सुरक्षा आकलन किया गया है, न ही परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से कोई मंजूरी ली गई है।

एईआरबी से जो मंजूरी मिलीं है उसमें स्पष्ट लिखा है कि मरीजों का वेटिंग एरिया यहां नहीं बनाया जा सकता है फिर भी हमीदिया अस्पतालऔर ठेकेदार लगातार गैस पीड़ितों को इस असुरक्षित जगह पर ढकेल रही।

गैस पीड़ितों की मांग है कि इमरजेंसी वार्ड को स्थानांतरित करने की सभी योजनाओं को स्थायी रूप से रोका जाए और वार्ड को मूल स्थिति में बहाल किया जाए।पूर्ण सार्वजनिक सुरक्षा आकलन और एईआरबी अनुमोदन के बिना कमला नेहरू अस्पताल में किसी भी रेडियोधर्मी बंकर के निर्माण पर रोक लगाई जाए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर