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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · शाम 5:53 · नई दिल्ली संस्करण

नवरात्रि व्रत पूरे, अब आशीर्वाद चाहिए: भारत मंडपम में पीएम मोदी का बड़ा संदेश

पीएम मोदी ने शुक्रवार को भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, मेरी नीतियों के केंद्र में देश के युवा हैं। पीएम ने कहा, हमारा ज्ञान अमर है, इसलिए भारत भी अमर है। भारतीय विरासत पर गर्व जरूरी है। 3 दिन के इस सम्मेलन में 9000 प्रतिभागी शामिल हैं। यह चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे होने का समापन उत्सव है। पीएम ने युवाओं से विकसित भारत का नेतृत्व करने का आह्वान किया।

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नवरात्रि व्रत पूरे, अब आशीर्वाद चाहिए: भारत मंडपम में पीएम मोदी का बड़ा संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सभी नीतियों के केंद्र में देश का युवा है। भारतीय विरासत पर गर्व और उसका संरक्षण करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा ज्ञान और बोध अमर है। इसी बोध के कारण भारत भी हजारों वर्षों से अमर बना हुआ है। क्योंकि भारत शब्द का अर्थ ही है, जो ज्ञान और प्रकाश के अनुसंधान में लगा हो। उन्होंने कहा कि जब देश की आजादी के 75 वर्ष का अवसर आया, तब मेरे मन में विचार आया कि हमें इस अवसर को भारत का प्रेरणा मंच तो बनाना ही है, हमें भारत के स्वरूप को भी जीवंत करना है, जो अमृत विचारों को जीना जानता है।



यह तीन दिवसीय सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें भारत और विदेश से 9000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साल भर से चल रहे उत्सवों का समापन समारोह है। चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने की थी। इसका उद्देश्य वेदांत और भगवद गीता की शिक्षाओं को सभी तक पहुंचाना था। पिछले 75 सालों में मिशन ने आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में बड़ा काम किया है। पीएम मोदी ने कहा कि चिन्मय मिशन ने युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ा है। चिन्मय युवा केंद्र के जरिए देश के युवाओं में नई ऊर्जा आई है। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही विकसित भारत का नेतृत्व करेगा।



पीएम ने गुरुजनों को नमन करते हुए कहा, "मेरे नवरात्रि के व्रत अभी-अभी पूरे हुए हैं, मैं आपको नमन करता हूं और आपका आशीर्वाद चाहता हूं। आपके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए भारत हर संभव प्रयास करेगा।" इस 75वें वर्ष के दौरान कई बड़े कार्यक्रम हुए। पिछले साल पीएम मोदी ने तमिलनाडु के गंगईकोंडा चोलपुरम में भगवद गीता के तमिल संस्करण को जारी किया था, जिसे चिन्मय मिशन ने संगीतकार इलैयाराजा के साथ तैयार किया था। इसके अलावा देश भर में सामूहिक हवन, त्रिपुरा में मां सौंदर्य चिन्मयी मंदिर की प्रतिष्ठा, और एक लाख से ज्यादा लोगों द्वारा ऑनलाइन गीता के 15वें अध्याय का पाठ जैसे कार्यक्रम हुए।



चिन्मय युवा केंद्र के 15 युवाओं ने 40,000 किलोमीटर से अधिक की चिन्मय अमृत यात्रा भी की, ताकि गीता के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विरासत ही उसकी ताकत है और युवाओं को इस विरासत को आगे ले जाना है। 

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