मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · शाम 6:49 · नई दिल्ली संस्करण

वेतन न मिलने से बालुरघाट में सफाई कर्मियों का आंदोलन, काम ठप होने से शहर में गंदगी का अंबार

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन3 बार पढ़ा गया
वेतन न मिलने से बालुरघाट में सफाई कर्मियों का आंदोलन, काम ठप होने से शहर में गंदगी का अंबार

दक्षिण दिनाजपुर। बालुरघाट में नए साल का आधा महीना बीतने के बावजूद वेतन न मिलने से नगर पालिका के सफाई कर्मी आंदोलन पर उतर आए है। अभिभावक विहीन हो चुकी बालुरघाट नगरपालिका की प्रशासनिक अचल स्थिति के कारण मजदूरी नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मियों ने बुधवार सुबह से नगरपालिका कार्यालय के सामने काम बंद कर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।सफाईकर्मियों के काम बंद करते ही पूरे शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो गए है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।नगरपालिका सूत्रों के अनुसार, 19 दिसंबर को तत्कालीन चेयरमैन अशोक मित्रा के खिलाफ 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इसके बाद दस जनवरी को चेयरमैन का पद रिक्त हो गया। वहीं पिछले तीन वर्षों से उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन) का पद भी खाली है। नतीजतन फिलहाल नगर पालिका में कोई प्रशासनिक प्रमुख नहीं है और इसी प्रशासनिक जटिलता के चलते सफाई कर्मियों का मानदेय और वेतन अटक गया है।आंदोलनरत कर्मचारियों का आरोप है कि हर महीने उन्हें वेतन मिलने में देरी होती है, लेकिन इस बार हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।एक आक्रोशित सफाईकर्मी ने कहा कि मकर संक्रांति पर पिठे-पुली तो दूर, परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है।ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि यह गतिरोध कब खत्म होगा और शहर की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर