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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · शाम 4:42 · नई दिल्ली संस्करण

एआईसीटीई ने क्यूआईपी पीजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम लॉन्च किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन7 बार पढ़ा गया

नई

दिल्ली,। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के

अध्यक्ष प्रोफेसर टी.जी. सीतारम ने बुधवार को कोर इंजीनियरिंग विषयों से

संबंधित संकाय सदस्यों के शैक्षणिक विकास के लिए 'एआईसीटीई-क्यूआईपी-पीजी

सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन इमर्जिंग एरियाज' लॉन्च किया।

यह

एआईसीटीई गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (क्यूआईपी) योजना का एक हिस्सा है। इसके

माध्यम से परिषद का लक्ष्य कोर इंजीनियरिंग विषयों (मैकेनिकल, सिविल,

इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल आदि) के संकाय सदस्यों को

प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना है, जिससे वह

इमर्जिंग एरिया के पाठ्यक्रमों के छात्रों को प्रभावी रूप से पढ़ाने में

सक्षम हो सकें।

इस दौरान एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर

टी.जी. सीतारम ने कहा कि प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में

एआईसीटीई-क्यूआईपी-पीजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम कोर इंजीनियरिंग विषयों में

संकाय सदस्यों के शैक्षणिक विकास को बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

यह पहल महत्वपूर्ण है, क्योंकि इंजीनियरिंग में उभरते क्षेत्र लगातार

विकसित हो रहे हैं, जिससे शिक्षकों को नवीनतम प्रगति के साथ अपडेट रहने की

आवश्यकता होती है। यह प्रोग्राम शुरू करने का उद्देश्य संकाय सदस्यों को

छात्रों को इन उभरते क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए आवश्यक

ज्ञान और कौशल से लैस करना है। इससे न केवल संकाय सदस्यों को उनकी

विशेषज्ञता बढ़ाकर लाभ मिलता है बल्कि देश में इंजीनियरिंग शिक्षा की समग्र

गुणवत्ता बढ़ाने में भी योगदान मिलता है।

एआईसीटीई

अप्रूव्ड डिग्री स्तर व डिप्लोमा स्तर के संस्थानों के पूर्णकालिक नियमित व

स्थायी संकाय सदस्य, कोर इंजीनियरिंग विषयों से संबंधित, स्नातक व

डिप्लोमा स्तर पर न्यूनतम 5 वर्षों का शिक्षण अनुभव रखने वाले, क्यूआईपी

पीजी प्रमाणपत्र कार्यक्रम के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं। किसी भी

होस्ट इंस्टीट्यूट में पाठ्यक्रम के लिए नामांकित होने वाले अधिकतम 50

संकाय सदस्यों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। एआईसीटीई अनुमोदित संस्थानों

को परिषद के पास आवेदन जमा करना होगा। प्रोग्राम कंटेंट तीन चरणों

जागरूकता, विशेषज्ञता और अनुप्रयोग में बांटा गया है। 18 क्रेडिट के

प्रोग्राम में थ्योरी और प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट आदि शामिल हैं।

सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा करने पर होस्ट इंस्टीट्यूट एक मूल्यांकन

रिपोर्ट और क्यूआईपी-पीजी प्रमाणपत्र जारी करेगा, जिस पर एआईसीटीई और

संबंधित होस्ट इंस्टीट्यूट दोनों के लोगो होंगे।

पाठ्यक्रम

में एआई, एमएल, डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स, एआर, एमआर, वीआर,

साइबर-फिजिकल सिस्टम, आईओटी और ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट

सिस्टम, रोबोटिक्स, 3-डी प्रिंटिंग और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र

शामिल किए गए हैं। प्रोग्राम की अवधि हाइब्रिड मोड में 6 महीने होगी।

पाठ्यक्रम अवधि के दौरान उम्मीदवारों द्वारा एनपीटीईएल पाठ्यक्रम के माध्यम

से अधिकतम छह क्रेडिट लिए जा सकते हैं। उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों को

भी इसमें शामिल किया गया है ताकि शिक्षक नवीनतम उद्योग आवश्यकताओं और

रुझानों से अपडेट रहें। इस पहल का उद्देश्य इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा

संकाय की शिक्षण विधियों को उन्नत बनाना है ताकि छात्रों को उच्च गुणवत्ता

वाली तकनीकी शिक्षा मिल सके।

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