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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · दोपहर 2:59 · नई दिल्ली संस्करण

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सीएमईआरआई का दौरा किया, कहा - लोगों को गुमराह किया गया था

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन104 बार पढ़ा गया
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सीएमईआरआई का दौरा किया, कहा - लोगों को गुमराह किया गया था

पश्चिम बर्दवान, 26 जून (हि. स.)। राज्य के शहरी विकास एवं नगर प्रशासन मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दुर्गापुर स्थित केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएमईआरआई) का दौरा कर पूर्व राज्य सरकार पर केंद्र की तकनीक का उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को यह समझाया गया था कि केंद्र सरकार बंगाल को वंचित कर रही है, लेकिन अब लोग समझ रहे हैं कि डबल इंजन सरकार की जरूरत क्यों बताई गई थी।मंत्री ने कहा कि राज्य में लंबे समय से जमा कचरा और ठोस अपशिष्ट की समस्या के समाधान के लिए सीएमईआरआई की आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उनके अनुसार प्लास्टिक कचरे से ईंधन, जैविक कचरे से खाद, सूखे पत्तों से वैकल्पिक ईंधन तथा निर्माण एवं टूटे मकानों के मलबे से कम लागत वाली ईंट तैयार करने जैसी तकनीकों को विभिन्न नगर निकायों में लागू किया जाएगा।अग्निमित्रा पाल ने कहा कि अतीत में राज्य सरकार ने केंद्र की शोध और तकनीक को महत्व नहीं दिया, लेकिन अब केंद्र और राज्य के समन्वय से आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी जबकि सीएमईआरआई तकनीकी ज्ञान और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।उन्होंने बताया कि इस तकनीक के आधार पर पुराने जमा कचरे के प्रसंस्करण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां प्लास्टिक, धातु, जैविक और निर्माण संबंधी अपशिष्ट को अलग कर पुनर्चक्रण किया जाएगा। इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होने के साथ-साथ राजस्व बढ़ाने की भी संभावना बनेगी।मंत्री ने जानकारी दी कि नगर विकास विभाग की ओर से पहले ही सीएमईआरआई को पत्र भेजा जा चुका है।राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं पुराने कचरा निस्तारण परियोजनाओं में इस तकनीक के उपयोग की योजना बनाई गई है।इस मौके पर दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लखन घुरुइ तथा दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी भी मौजूद रहे।

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