पीएम किसान प्रसारण और किसान गोष्ठी में कृषकों की रही बड़ी भागीदारी

पीएम किसान प्रसारण और किसान गोष्ठी में कृषकों की रही बड़ी भागीदारी
रामगढ़। रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और कृषकों के स्वागत से हुआ। इसके पश्चात प्रधानमंत्री द्वारा देशभर के किसानों के लिए जारी 21वीं किस्त का लाइव प्रसारण देख किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर कार्यवाहक प्रमुख डॉ. इंद्रजीत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों के आर्थिक संबल को मजबूत करती हैं। केवीके का प्रयास है कि जिले के प्रत्येक किसान तक नवीनतम कृषि तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुंचे। हमारा उद्देश्य है कि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाएँ और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

इसी क्रम में केवीके की ओर से किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विशेषज्ञों ने रबी फसलों की उन्नत तकनीक, प्राकृतिक खेती, एकीकृत पोषण प्रबंधन, जल संरक्षण और पशुपालन आधारित आय-वृद्धि पर विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के प्रक्षेत्र प्रबंधक सनी कुमार ने कृषि उपकरणों के उपयोग पर किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि उपकरण न केवल श्रम और समय की बचत करता हैं, बल्कि उत्पादन क्षमता को भी कई गुना बढ़ाता हैं। केवीके में उपलब्ध विभिन्न कृषि यंत्र जैसे हैप्पी सीडर, मल्चर, पावर वीडर, रीपर, ड्रम सीडर और मिनी टिलर के उपयोग से किसान कम लागत में अधिक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण खेती कर सकते हैं।

इसी दौरान बीटीएम धर्मजीत ने किसानों से कहा कि रामगढ़ जिले के किसान मेहनती हैं और नई तकनीकों को तेजी से अपनाते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएँ उन्हें आर्थिक स्थिरता देती हैं, जिससे वे उन्नत कृषि तकनीकों में निवेश कर पाते हैं। हमारा प्रयास है कि हर किसान योजना का पूर्ण लाभ उठाए और अपने खेत में वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाए।

केंद्र के मौसम प्रवेक्षक शशि कान्त चौबे ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान पर आधारित कृषि सलाह आज के समय की आवश्यकता है। समय रहते दी गई सलाह से किसान सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और फसल कटाई के सही निर्णय ले पाते हैं। इससे न केवल फसल हानि कम होती है, बल्कि लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में भी बड़ी मदद मिलती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से केवीके की मौसम आधारित संदेश सेवा से जुड़ें, ताकि हर सप्ताह सटीक मौसम जानकारी और फसल-विशेष सलाह प्राप्त कर सकें। किसानों ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए बड़ा संबल है, जो खेती-किसानी की निरंतरता बनाए रखने में सहायक है। किसानों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें नई तकनीकों को समझने, समस्याओं का समाधान पाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने में काफी सुविधा होती है।स्पताल पंडरी रायपुर और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल ) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (एनक्यूएएस) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इनमें पंडरी रायपुर की आईपीएचएल देश की प्रथम, जबकि बलौदाबाजार की आईपीएचएल देश एवं राज्य की द्वितीय प्रमाणित लैब बनी है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित लैब सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्रमाणित करती है।

आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज गुरुवार काे बताया कि एनक्यूएएस कार्यक्रम भारत सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके जरिए सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार को संस्थागत स्वरूप दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में निर्धारित चेकलिस्ट बेहद व्यापक है और प्रमाणन तभी मिलता है जब कोई संस्थान सभी मानकों पर सतत् उत्कृष्टता प्रदर्शित करे। छत्तीसगढ़ की दोनों आईपीएचएल लैब्स ने जिस दक्षता और अनुशासन के साथ सभी मापदंडों को पूरा किया है, वह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लैब तकनीशियनों, चिकित्सकों और प्रबंधन टीमों ने बड़े समर्पण और परिश्रम के साथ कार्य किया है। पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार आईपीएचएल की उपलब्धि पूरे राज्य के लिए प्रेरक है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को सुदृढ़ता से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा दोनों जिला अस्पतालों की आईपीएचएल टीमों—चिकित्सकों, तकनीशियनों और स्टाफ—को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, और आईपीएचएल के राष्ट्रीय प्रमाणन से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को नई विश्वसनीयता और मजबूती मिली है।

वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि "पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार आईपीएचएल के देश की प्रथम और द्वितीय क्वालिटी सर्टिफाइड इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनने पर प्रदेशवासियों और पूरी स्वास्थ्य टीम को बधाई। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली में आए ऐतिहासिक बदलाव का परिणाम है। राज्य सरकार प्राथमिक से लेकर जिला स्तर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और सशक्त गुणवत्ता तंत्र से लैस कर रही है। आईपीएचएल मॉडल ने जांच सेवाओं को तेज, सटीक और किफायती बनाकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच को मजबूत किया है। आने वाले समय में इसी उच्च गुणवत्ता मॉडल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता का अग्रणी राज्य बनेगा।"

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